रुद्रपुर। बारावफात जुलूस के दौरान रुद्रपुर के त्रिशुल चौक पर आयोजित सभा में कथित तौर पर भड़काऊ भाषण देने के मामले में पुलिस ने रामपुर के दड़ियाल टांडा निवासी मुफ्ती मुजीब को गिरफ्तार कर लिया है। सोशल मीडिया पर भाषण का वीडियो प्रसारित होने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए मुफ्ती के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। शुक्रवार देर रात हिरासत में लेकर पूछताछ करने के बाद पुलिस ने शनिवार को उनकी गिरफ्तारी की पुष्टि की। पुलिस के अनुसार, आरोपी को न्यायालय में पेश किया जाएगा। बता दें कि इस मामले को लेकर जनप्रतिनिधियों ने नाराजगी जाहिर की थी। वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी इसको लेकर सख्त रूख अपनाया था।
जानकारी के अनुसार, बुधवार को रुद्रपुर में बारावफात के अवसर पर जुलूस निकाला गया था। जुलूस के दौरान त्रिशुल चौक पर एक सभा आयोजित की गई। इसी सभा में रामपुर के दड़ियाल टांडा निवासी मुफ्ती मुजीब ने कथित तौर पर मदरसों को लेकर बयान दिया। अगले दिन गुरुवार को सभा से संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने लगा। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। प्रसारित वीडियो में मुफ्ती मुजीब मदरसों के संबंध में लोगों को संबोधित करते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में वह कहते नजर आ रहे हैं कि मदरसों के बारे में ज्यादा फैसला न किया जाए। उन्होंने मदरसों में दी जाने वाली शिक्षा का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां लोगों को तालीम दी जाती है तथा किसी पर जुल्म-ज्यादती और चोरी नहीं करने की सीख दी जाती है। इसी दौरान वीडियो में मुफ्ती की ओर से मदरसों को बंद किए जाने की स्थिति में परिणाम भुगतने की चेतावनी दिए जाने का भी दावा किया जा रहा है। इसके अलावा वह ईदगाह की भूमि वापस करने की मांग करते हुए भी दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद बयान को लेकर विवाद बढ़ गया और पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने वीडियो की जांच के साथ ही सभा के दौरान दिए गए भाषण और उसके संदर्भ से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटानी शुरू की। इसके बाद शुक्रवार देर रात पुलिस ने मुफ्ती मुजीब को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ के दौरान सामने आए तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की गई। पुलिस ने बताया कि पूछताछ पूरी होने के बाद मुफ्ती मुजीब को गिरफ्तार कर लिया गया है। अब आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा।

