Mar 23, 2026

मिडिल ईस्ट संकट से वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता

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नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के चलते भारतीय शेयर बाजारों में हाहाकार मचा हुआ है। आज शेयर बाजारों बड़ी गिरावट देखने को मिली। सोमवार को दोनों प्रमुख सूचकांक लाल रंग के निशान पर खुले और शुरुआती कारोबार में बड़ी गिरावट के साथ कारोबार करते दिखे। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 1,555.62 अंक गिरकर 73,477.34 पर आ गया जबकि निफ्टी 479.95 अंक टूटकर 22,634.55 पर पहुंच गया। अमेरिका ने ईरान को होर्मुज खोलने के लिए 48 घंटे की समयसीमा दी है। इसके जवाब में ईरान ने कहा है कि यदि उस पर हमला हुआ तो वह खाड़ी देशों के ऊर्जा स्रोतों पर हमला करेगा और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह बंद कर देगा। गौर करने वाली बात है कि इक्विटी बाजारों के लिए आज एक और मुश्किल दिन साबित हो सकता है। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतें लगातार तेजी से बढ़ रही हैं। ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज्र को पूरी तरह बंद करने की धमकी दी है जिससे वैश्विक सप्लाई पर असर पड़ा है और तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं। डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी के बाद तनाव और गहरा गया है और इसका सीधा असर शेयर बाजारों व वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से टाटा स्टील, भारतीय स्टेट बैंक, बजाज फाइनेंस, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, टाइटन और अडानी पोर्ट्स सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाली कंपनियों में शामिल रहीं। HCL Tech एकमात्र ऐसी कंपनी रही जिसके शेयरों में बढ़त देखने को मिली। एशियाई बाजारों में भारी गिरावट देखी गई है। जापान और दक्षिण कोरिया के प्रमुख इंडेक्स 5 प्रतिशत से ज्यादा टूट गए। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को आज 24वां दिन है जिससे निवेशकों में चिंता बढ़ी है।