पिथौरागढ़। जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र युवाओं के आन्दोलन की लपटें आज पिथौरागढ़ भी पहुंच गईं. स्थानीय गांधी चौक में छात्र, युवाओं और अभिभावकों ने इस आंदोलन के समर्थन में सभा की और शिक्षामंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा मांगा। वक्ताओं ने एनटीए को भंग करने की मांग की और देश की चरमराई शिक्षा व्यवस्था में जनता की राय के अनुसार आमूलचूल परिवर्तन करने की मांग भी की। गांधी चौक में आयोजित सभा में बोलते हुए भाकपा-माले के नेता गोविन्द कफलिया ने कहा कि देश में पेपर लीक एक उद्योग के रूप में स्थापित कर दिया गया है, जिसका लाभ सत्तासीन पार्टी के समर्थकों को मिल रहा है लेकिन देश के मध्यवर्गीय व गरीब परिवारों के बच्चों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले 12 सालों में केन्द्र में काबिज सरकार ने न केवल शिक्षा व्यवस्था को चैपट किया है बल्कि देश की अर्थव्यवस्था, विदेश नीति, औद्योगिक नीति, कृषि अर्थव्यवस्था को भी चौपट कर दिया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार लूट-खसौट की सरकार है और इसका डबल इंजन भी चोरी का धंधा कर रहा है। उन्होंने उत्तराखण्ड सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि धाकड़ धामी की संज्ञा पाने वाले लोग लोमड़ धामी बनकर उत्तराखण्ड को ठग रहे हैं।
उन्होंने देश को प्रगति के रास्ते पर ले जाने के लिए सभी विपक्षी और प्रगतिशील ताकतों को एकजुट होने की अपील की। इस अवसर पर बोलते हुए जनमंच के संयोजक भगवान रावत ने कहा कि जिस तरह से केन्द्र सरकार के इशारे पर डाॅ. सोनम वांगचुग को दिल्ली पुलिस ने अंशन से उठाया वह बेहद अलोकतांत्रिक और अमानवीय है। उन्होंने कहा कि देश के अन्य राज्यों की तरह उत्तराखण्ड में भी आज हर परिवार में एक-दो बच्चे अच्छी पढ़ाई करने के बाद बेरोजगारी से झुलस कर घर में कैद हैं। उन्होंने सवाल किया कि इन बच्चों को रोजगार देने का काम उनके मां-बाप करेंगे या इसकी जिम्मेदारी सरकार को लेनी चाहिए? सभा में बोलते हुए आम आदमी पार्टी के नेता चन्द्रप्रकाश पुनेड़ा ने कहा कि चाहे केन्द्र हो या राज्य सरकार हो, इनका शिक्षा और शिक्षा व्यवस्था से कोई लेना-देना नहीं है। इन सरकारों में नीति निर्धारण करने वाले छोटे से लेकर बड़े पदों तक, अशिक्षितों की एक लंबी जमात बैठी है। जबकि उच्च शिक्षित बच्चे बेराजगारी लाईन में खड़े हैं। उन्होंने कहा कि अब यह लड़ाई अशिक्षित नीति निर्धारकों और शिक्षित बेरोजगारों के मध्य बढ़ती जा रही है। जिसके परिणामस्वरूप केंद्र की वर्तमान सरकारों को हटना होगा। इस अवसर पर बोलते हुए सेवानिवृत्त कैप्टन महादेव भट्ट ने कहा कि आज देश ऐसे हाथों में चला गया है।
जिन्होंने देश के भीतर तो आम आदमी को मुश्किल में डाल दिया है और विदेशों में भी भारत के सम्मान को भारी ठेस पहुंचाई है उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक सोनम वांगचुुग को जिस तरह से गिरफ्तार किया गया, वैसा व्यवहार एक दुर्दान्त अपराधी के साथ भी नहीं किया जाता। उन्होंने कहा कि जब तक हमारी सरकारें पारदर्शी और जिम्मेदार नहीं होती तब तक हिन्दुस्तान प्रगति के रास्ते पर नहीं आ सकता। उन्होंने कहा कि देश में लोकतांत्रिक, जिम्मेदार और पारदर्शी सरकार की जरूरत है, जिसकी पूर्ति वर्तमान सरकार नहीं कर सकती। इसलिए इस सरकार को हटाना होगा। सभास्थल पर बड़ी संख्या में जेन-जी और युवा बेरोजगार उपस्थित रहे। उन्होंने जोरदार नारेबाजी की और अपनी बात भी रखी। युवाओं ने जंतर-मंतर, नई दिल्ली में चल रहे छात्र- युवाओं के आंदोलन को समर्थन में देते हुए कहा कि जैसे-जैसे यह आंदोलन आगे बढ़ेगा, पिथौरागढ़ का युवा आंदोलन को तेज करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा। इस मौके पर जनमंच के भगवान रावत, एडवोकेट आलोक चैधरी, कामरेट दिनेश जोशी सहित अनेक युवाओं ने भागीदारी की।

