नई दिल्ली। मध्य प्रदेश से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, यहां हाईकोर्ट की जबलपुर स्थित प्रिंसिपल बेंच में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक शख्स अपनी पत्नी के गर्भपात के बाद मृत भ्रूण को लेकर सीधे कोर्ट रूम में दाखिल हो गया। उसने जज की डाइस पर भ्रूण को रखते हुए गुहार लगाई कि या तो उन्हें न्याय दिया जाए या फिर इच्छा मृत्यु की अनुमति दी जाए। दरअसल रीवा निवासी दयाशंकर पांडे पहले जबलपुर के शुभ मोटर्स में अकाउंटेंट के तौर पर काम करते थे। उनके दावों के अनुसार काम के दौरान उन्हें शोरूम में करीब 200 करोड़ रुपये के वित्तीय घोटाले की जानकारी मिली थी। जब उन्होंने इस घोटाले के खिलाफ आवाज उठाई और सच बोलना चाहा, तो उन पर और उनके परिवार पर जानलेवा हमले शुरू हो गए। फरियादी दयाशंकर का आरोप है कि हाल ही में हुए एक हमले के दौरान उनकी पत्नी के साथ मारपीट हुई, जिसके कारण उनका मिसकैरेज हो गया। इसी मृत भ्रूण को वे न्याय के सबूत के तौर पर कोर्ट लेकर आए थे। दयाशंकर पांडे राजनीति में भी सक्रिय रहे हैं और साल 2024 में लोकसभा व विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं। उनका कहना है कि पिछले 2 साल में उन पर चार बार जानलेवा हमले हो चुके हैं। पुलिस और प्रशासन से कई बार सुरक्षा की गुहार लगाने के बावजूद जब कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो उन्होंने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की। घटना के तुरंत बाद हाईकोर्ट की सुरक्षा और ओमती पुलिस एक्टिव हुई। सीएसपी सोनू कुर्मी ने बताया कि दयाशंकर पांडे और उनकी पत्नी को थाने लाकर समझाइश दी गई है। हाईकोर्ट के भीतर इस तरह से भ्रूण ले जाने को सुरक्षा में बड़ी चूक के तौर पर भी देखा जा रहा है।
Trending
एस्कॉर्ट शिक्षकों को सौंपे गए बच्चों के अधिकार: देहरादून प्रवास के दौरान छात्रों की हर जिम्मेदारी निभाएंगे शिक्षक
देवभूमि परिवार आईडी: उत्तराखंड के हर परिवार का होगा एक डिजिटल खाता, योजनाओं का प्रबंधन होगा सरल
बेरीनाग महाविद्यालय द्वारा पंडित लोकरत्न पंत गुमानी के साहित्यिक योगदान परिचर्चा का आयोजन
वनाग्नि रोकने के लिए पिरूल खरीद में तेजी: उत्तराखंड सरकार ने 5 करोड़ से ज्यादा की चीड़ पत्तियां खरीदीं, आंकड़ों में सफलता
शख्स की भावुक अपील से कोर्ट में अफरा-तफरी
सुप्रीम कोर्ट: महिलाओं को समान कानूनी अधिकार मिलने चाहिए
राज्यपाल ने विधानसभा गैलरी को बताया प्रेरणादायक: उत्तराखंड की धार्मिक और लोक यात्राओं का प्रभावी चित्रण देख हुए प्रसन्न
पर्यटन सीजन 2026: बदरीनाथ शटल सेवा से मिलेगा यात्रियों को राहत का पैगाम, जाम की पुरानी समस्या का होगा अंत