नई दिल्ली। विधानसभा चुनावों में शानदार प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भाजपा मुख्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए जीत को देश के लोकतंत्र, संविधान और जनविश्वास की जीत बताया। उन्होंने इस अवसर को देश के उज्ज्वल भविष्य की उद्घोषणा करार देते हुए कहा कि यह दिन केवल राजनीतिक सफलता का नहीं, बल्कि भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों की मजबूती का प्रतीक है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत एक भावनात्मक अपील के साथ करते हुए कहा कि जो लोग उन्हें देख नहीं पा रहे हैं, वे जहां हैं वहीं से उन्हें सुनें और किसी को असुविधा न दें। उन्होंने कहा कि वर्षों की साधना जब सिद्धि में बदलती है, तो जो खुशी चेहरे पर दिखती है, वही आज देशभर के भाजपा कार्यकर्ताओं के चेहरों पर नजर आ रही है। उन्होंने खुद को एक कार्यकर्ता बताते हुए हर कार्यकर्ता की खुशी में सहभागी होने की बात कही। पीएम मोदी ने इस जीत को भरोसे का दिन बताते हुए कहा कि यह भरोसा भारत के महान लोकतंत्र, प्रदर्शन आधारित राजनीति और एक भारत, श्रेष्ठ भारत की भावना पर है। उन्होंने पश्चिम बंगाल, असम, पुदुचेरी, तमिलनाडु और केरल की जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनता ने भाजपा और उसके कार्यकर्ताओं पर भरोसा जताया है। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने पार्टी संगठन और नेतृत्व की भी सराहना की। उन्होंने भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में यह पहला विधानसभा चुनाव था और कार्यकर्ताओं को मिला नेतृत्व इस जीत में अहम रहा। पीएम मोदी ने उपचुनावों में भी पार्टी की सफलता का जिक्र करते हुए महाराष्ट्र, गुजरात, नगालैंड और त्रिपुरा में मिली जीत को जनता का आशीर्वाद बताया।
उन्होंने एनडीए नेता सुनेत्रा पवार की जीत का भी विशेष रूप से उल्लेख किया और सभी राज्यों की जनता का हृदय से धन्यवाद किया। लोकतंत्र की ताकत पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जीत-हार चुनावी प्रक्रिया का स्वाभाविक हिस्सा है, लेकिन इन चुनावों ने दुनिया को दिखा दिया है कि भारत को मदर ऑफ डेमोक्रेसी क्यों कहा जाता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र भारत के लिए सिर्फ एक व्यवस्था नहीं, बल्कि संस्कृति और संस्कार है, जो हर भारतीय की रगों में बहता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस चुनाव में सिर्फ राजनीतिक दल नहीं, बल्कि भारत का संविधान, उसकी संस्थाएं और लोकतांत्रिक प्रक्रियाएं जीती हैं। पश्चिम बंगाल में रिकॉर्ड मतदान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि करीब 93 प्रतिशत मतदान लोकतंत्र की मजबूती का प्रतीक है और इसमें जनता की भागीदारी ऐतिहासिक रही है। अपने भाषण में पीएम मोदी ने गंगा के प्रतीक का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पहले उन्होंने कहा था कि गंगा बिहार से बहते हुए गंगासागर तक जाती है और आज बंगाल की जीत के साथ गंगोत्री से गंगासागर तक भाजपा-एनडीए की उपस्थिति मजबूत हुई है। उन्होंने उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल का जिक्र करते हुए कहा कि इन राज्यों में एनडीए की सरकार जनता के विश्वास का प्रतीक है। प्रधानमंत्री ने अपने पुराने बयान को याद करते हुए कहा कि जब वे 2013 में काशी पहुंचे थे, तब उन्होंने कहा था कि उन्हें मां गंगा ने बुलाया है। आज वे महसूस कर रहे हैं कि मां गंगा की कृपा भाजपा और देश पर बनी हुई है। साथ ही उन्होंने असम की जनता का आभार जताते हुए कहा कि वहां भाजपा-एनडीए को लगातार तीसरी बार जीत दिलाकर जनता ने हैट्रिक पूरी कराई है।

