देहरादून। मतदाता सूची पुनरीक्षण यानी एसआईआर प्रक्रिया को लेकर 'इंडिया' गठबंधन और कांग्रेस द्वारा किए जा रहे देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के बीच उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विपक्ष पर जोरदार पलटवार किया है। मंगलवार को मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कांग्रेस की मंशा और आपत्तियों पर कड़े सवाल खड़े किए और स्पष्ट किया कि देश में व्यवस्थाएं संविधान और तय नियमों के अनुसार ही चलेंगी।
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर उत्तराखंड में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस लगातार एसआईआर की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे मतदाताओं के अधिकारों से जोड़ रही है। वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस के विरोध पर पलटवार करते हुए सवाल किया है कि क्या घुसपैठियों को भी वोट देने का अधिकार मिलना चाहिए? मुख्यमंत्री ने कहा कि मतदाता सूची को शुद्ध और व्यवस्थित करने की प्रक्रिया पर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री धामी ने एसआईआर को लेकर कहा कि यह प्रक्रिया देश में पहली बार नहीं हो रही है। इससे पहले भी कई बार मतदाता सूचियों का पुनरीक्षण किया जा चुका है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पहले भी इस तरह की प्रक्रिया अपनाई गई थी, तब कांग्रेस ने इस पर आपत्ति क्यों नहीं की। मुख्यमंत्री ने कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया निर्धारित व्यवस्था और नियमों के तहत ही की जा रही है। धामी ने कहा कि लोकतंत्र में मतदाता सूची की शुद्धता बेहद महत्वपूर्ण है। यदि किसी व्यक्ति का नाम एक से अधिक स्थानों पर मतदाता के रूप में दर्ज है तो इससे चुनाव की निष्पक्षता और प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इसलिए मतदाता सूची में मौजूद ऐसी गड़बड़ियों को दूर करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों का नाम नियमों के अनुरूप मतदाता सूची में होना चाहिए, उनका नाम बरकरार रहना चाहिए, लेकिन फर्जी, दोहरे या अपात्र नामों की पहचान कर उन्हें ठीक किया जाना भी जरूरी है। मुख्यमंत्री ने इसी संदर्भ में सवाल उठाया कि “क्या घुसपैठियों को वोट देने का अधिकार मिलना चाहिए?” उन्होंने कहा कि देश में मतदान का अधिकार संविधान और कानून के तहत पात्र नागरिकों को प्राप्त है। ऐसे में मतदाता सूची को व्यवस्थित करने की प्रक्रिया का उद्देश्य पात्र मतदाताओं के अधिकारों को सुरक्षित रखना और सूची में मौजूद विसंगतियों को दूर करना होना चाहिए। कांग्रेस की ओर से एसआईआर को लेकर लगातार उठाए जा रहे सवालों पर मुख्यमंत्री ने कटाक्ष भी किया। उन्होंने कहा कि अगर मतदाता सूची को शुद्ध करने और व्यवस्था को दुरुस्त करने की प्रक्रिया पर ही आपत्ति जताई जा रही है तो इससे कई सवाल खड़े होते हैं। धामी ने कहा कि देश संविधान के अनुसार चलेगा और सभी प्रक्रियाएं निर्धारित व्यवस्था के मुताबिक ही पूरी की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं में शामिल है। इसलिए मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को दूर करना आवश्यक है। एक व्यक्ति का नाम यदि अलग-अलग स्थानों पर दर्ज है या कोई अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल है तो ऐसी स्थिति को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि पारदर्शी और व्यवस्थित मतदाता सूची चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता के लिए जरूरी है। एसआईआर को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच पहले से ही राजनीतिक टकराव जारी है। कांग्रेस इस प्रक्रिया के जरिए मतदाताओं के नाम हटाए जाने और चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की आशंका जता रही है, जबकि भाजपा और मुख्यमंत्री धामी इसे मतदाता सूची को दुरुस्त करने की जरूरी प्रक्रिया बता रहे हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री धामी का ताजा बयान इस मुद्दे पर सियासी बहस को और तेज करने वाला माना जा रहा है। एक ओर कांग्रेस एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रही है, वहीं मुख्यमंत्री ने दोहरे नाम, अपात्र मतदाताओं और कथित घुसपैठियों के मुद्दे को सामने रखकर कांग्रेस से ही सवाल पूछ दिया है। आने वाले दिनों में एसआईआर को लेकर दोनों दलों के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने के आसार हैं।

