गंगोलीहाट। सड़कों की बदहाली, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और मुख्यमंत्री की घोषणाओं को धरातल पर उतारने की मांगों को लेकर चल रहा 12 दिवसीय अनिश्चितकालीन धरना बुधवार को प्रशासनिक आश्वासन के बाद समाप्त हो गया। उपजिलाधिकारी गंगोलीहाट अंकित राज ने आंदोलनकारियों को जूस पिलाकर धरना स्थगित करवाया। यह आंदोलन कांग्रेस अजा प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष मनोज टम्टा के नेतृत्व में चलाया जा रहा था। बुधवार को मुख्य चिकित्साधिकारी पिथौरागढ़ डॉ. जे. एस. चुफाल, उपमुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. कौशिक, जिला शिक्षा अधिकारी मुकुल पंत और खंड शिक्षा अधिकारी आर. सी. मौर्या सहित प्रशासनिक अधिकारियों ने आंदोलनकारियों के साथ गहन वार्ता की। वार्ता के बाद उपजिलाधिकारी अंकित राज ने आंदोलनकारियों को लिखित आश्वासन पत्र सौंपा, जिसमें बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए दो माह की समय-सीमा तय की गई है। साथ ही बजट व उच्च स्तरीय मंजूरी से जुड़े प्रस्तावों को तत्काल शासन को भेजने का भरोसा दिलाया गया है। दूसरी ओर, आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि दो माह के भीतर जनसमस्याओं का निस्तारण नहीं हुआ तो वे पुनः तहसील परिसर में धरने पर बैठने को मजबूर होंगे। धरना स्थल पर पहुंचे ब्लॉक प्रमुख विनोद प्रसाद ने क्षेत्रीय विधायक पर जनसमस्याओं और आंदोलनकारियों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कड़ा रोष व्यक्त किया। इस दौरान भूपेश पंत, गणेश रावल, दीपक धानिक, मोहन बोरा, चंदन वाणी, हयात बोरा, भगवती पंत सहित दर्जनों ग्रामीण व कार्यकर्ता मौजूद रहे। आंदोलन के अंत में मनोज टम्टा ने उपजिलाधिकारी समेत पूरे प्रशासनिक दल का आभार व्यक्त किया।

