पिथौरागढ़ में प्रवासी पंचायत का आयोजन! रिवर्स पलायन और स्वरोजगार को मिलेगा नया बल

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पिथौरागढ़। उत्तराखण्ड सरकार की रिवर्स पलायन नीति को गति देने के उद्देश्य से बुधवार को पिथौरागढ़ में ग्राम्य विकास एवं पलायन निवारण आयोग की ओर से प्रवासी पंचायत का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता आयोग के उपाध्यक्ष ने की। प्रवासी पंचायत का उद्देश्य उन लोगों से संवाद स्थापित करना था, जो रोजगार के लिए अपने गांव छोड़कर अन्य शहरों या राज्यों में रह रहे हैं और अपने गांव लौटकर स्वरोजगार या उद्यम स्थापित करने की इच्छा रखते हैं। कार्यक्रम में प्रवासियों ने अपने अनुभव साझा किए तथा गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ाने और पलायन रोकने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। आयोग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार विभिन्न विभागों के माध्यम से स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। एनआरएलएम के तहत स्वयं सहायता समूहों द्वारा अदरक, हल्दी, रोजमेरी, डेण्डेलियम, गुलदाउदी और बागवानी जैसे कार्य क्लस्टर स्तर पर किए जा रहे हैं। वहीं मनरेगा, मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना और रीप परियोजना के माध्यम से ग्रामीणों को रोजगार और आजीविका से जोड़ा जा रहा है। कार्यक्रम में ग्राम स्तर पर ग्रामोत्सव आयोजित करने, योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने तथा प्रवासी नागरिकों की विकास कार्यों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। जिला विकास अधिकारी ने कहा कि प्रवासी पंचायत से प्राप्त सुझावों को विकास योजनाओं में शामिल किया जाएगा, ताकि पात्र लोगों तक सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ पहुंच सके। कार्यक्रम के अंत में विभिन्न विभागों ने अपनी स्वरोजगारपरक योजनाओं की जानकारी दी। प्रवासियों ने अपनी सफलता की कहानियां साझा करने के साथ ही समस्याओं के समाधान पर भी विस्तार से चर्चा की। आयोग ने सभी विभागों से योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक प्रवासियों तक पहुंचाने का आह्वान किया, जिससे पलायन पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। इस दौरान सुरेश सुयाल, भरत चन्द्र भट्ट, जीपी लखखेड़ा, लक्ष्मी गोस्वामी, रमा गोस्वामी आदि मौजूद रहे।