गंगोलीहाट। पिथौरागढ़ में सीमांत क्षेत्रों के विकास और कनेक्टिविटी को लेकर पूर्व जिला पंचायत सदस्य एवं पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष जगत सिंह खाती ने जिलाधिकारी को पत्र सौंपकर महत्वपूर्ण मांगें उठाई है। चण्डिका घाट नामक स्थान पर राम गंगा नदी में वर्ष 2006 से स्वीकृत 80 मीटर लंबे मोटर पुल के निर्माण में आ रही बाधाओं को दूर करने का अनुरोध किया गया है। पत्र में बताया गया है कि मुख्यमंत्री की घोषणा संख्या 18/2022 में शामिल होने के बावजूद, तुलानी से प्रस्तावित पुल स्थल तक की मात्र 4 किलोमीटर लंबी मोटर सड़क का क्षेत्र अभी तक वन अधिनियम से अवमुक्त नहीं हो पाया है। इसके चलते मोटर पुल का आवागमन मार्ग तैयार नहीं हो पा रहा है, जिससे शासन द्वारा पुल के लिए धनराशि स्वीकृत करने में तकनीकी अड़चन आ रही है। पोखरी-चौली-चण्डिका घाट मार्ग पर लोक निर्माण विभाग बेरीनाग के अंतर्गत पोखरी, चौली, विरगोली, गराली और नरग्वाडी से होते हुए प्रस्तावित पुल तक अवशेष 1.77 किलोमीटर सड़क काटने के लिए अतिशीघ्र धनराशि स्वीकृत करने की मांग की गई है। जगत सिंह खाती ने जिलाधिकारी से आग्रह किया है कि शासन स्तर पर लंबित इस बजट को जल्द आवंटित कराकर चण्डिका घाट रामगंगा पुल की निविदा प्रक्रिया शुरू करवाई जाए। इस परियोजना के पूरा होने से कनालीछीना विकासखंड के लगभग 240 गांवों सहित पिथौरागढ़ और गंगोलीहाट के स्थानीय निवासियों को बड़ी राहत मिलेगी, जिससे हाट कालिका मंदिर, पाताल भुवनेश्वर और चण्डिका घाट जैसे धार्मिक स्थलों की यात्रा बेहद सुगम हो जाएगी।

