उत्तराखंड: 13 सूत्रीय मांगों को लेकर शिक्षकों का 'महा-आंदोलन' शुरू! जून में होगा सचिवालय कूच

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गंगोलीहाट। प्रांतीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ, जनपद पिथौरागढ़ ने अपनी लंबित मांगों के समर्थन में प्रदेश व्यापी आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। शिक्षकों ने स्पष्ट कर दिया है कि शासन स्तर पर लगातार उपेक्षा के कारण अब वे पीछे हटने वाले नहीं हैं। संघ के निर्णय के अनुसार, 1 मई से 10 मई तक सभी पदाधिकारी और सदस्य बांह पर काली पट्टी बांधकर स्कूलों में शिक्षण कार्य करेंगे। विरोध दर्ज कराने के लिए शिक्षक सामूहिक रूप से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को पोस्ट-कार्ड भी भेजेंगे।

प्रमुख मांगें जिन पर अड़ा है संघ
शिक्षकों को टी.ई.टी. (TET) परीक्षा की अनिवार्यता से पूर्णतः मुक्त किया जाए।
शिक्षकों को 17,140 का वेतनमान लाभ दिया जाए और पूरी सेवा में तीन पदोन्नतियों की गारंटी दी जाए।
एक ही विज्ञप्ति के आधार पर नियुक्त प्रदेश के समस्त शिक्षकों के लिए पुरानी पेंशन योजना स्वीकृत की जाए।
जूनियर हाईस्कूलों में अंग्रेजी विषय के अनिवार्य पद का सृजन हो और अंतर्जनपदीय स्थानांतरण की सुविधा एक बार अनिवार्य रूप से दी जाए।
5400 ग्रेड वेतन प्राप्त कर रहे शिक्षकों को बोनस का भुगतान किया जाए या उन्हें राजपत्रित अधिकारी घोषित किया जाए।

आंदोलन की आगामी समय-सीमा
कहा गया कि यदि सरकार मांगों पर विचार नहीं करती है तो 12 मई को ब्लॉक इकाइयों द्वारा एसडीएम कार्यालयों पर धरना प्रदर्शन। 18 मई को जिला मुख्यालय में विशाल रैली और जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा जायेगा। 29 मई को प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय, देहरादून में विशाल धरना प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं 8 जून को देहरादून में गर्जना रैली के साथ सचिवालय कूच किया जायेगा। संघ के जिला अध्यक्ष विरेन्द्र सिंह रावल द्वारा हस्ताक्षरित इस प्रेस नोट में सरकार को सचेत किया गया है कि शिक्षकों की जायज मांगों को अब और नज़रअंदाज़ न किया जाए।