कॉमनवेल्थ गेम्स में उत्तराखंड का दम: हरिद्वार के लांस नायक शुभम जुयाल ने शॉट पुट में जीता सिल्वर

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उत्तराखंड के खिलाड़ियों का अंतरराष्ट्रीय मंच पर शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। राष्ट्रमंडल खेलों (कॉमनवेल्थ गेम्स) में हरिद्वार जिले के रुड़की स्थित नगर पंचायत ढंडेरा के रहने वाले भारतीय सेना के लांस नायक शुभम जुयाल ने शॉट पुट स्पर्धा में रजत पदक (सिल्वर मेडल) जीतकर न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे देश का गौरव बढ़ाया है। उनकी इस उपलब्धि से क्षेत्र में खुशी और उत्साह का माहौल है। शुभम की सफलता पर परिवार, स्थानीय लोगों और खेल प्रेमियों ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए इसे प्रदेश के लिए गर्व का क्षण बताया। 

आदर्श शिवाजी नगर, ढंडेरा निवासी शुभम जुयाल वर्तमान में भारतीय सेना की 51 इंजीनियर यूनिट, पुणे में लांस नायक के पद पर तैनात हैं। सेना का प्रतिनिधित्व करते हुए उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों की शॉट पुट प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन किया और रजत पदक अपने नाम किया। उनकी इस उपलब्धि की खबर मिलते ही ढंडेरा सहित पूरे क्षेत्र में जश्न का माहौल बन गया। रविवार को नगर पंचायत अध्यक्ष सतीश नेगी शुभम के आवास पहुंचे और उनकी माता अनीता देवी तथा पत्नी निशा को बधाई देकर परिवार की खुशी में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि शुभम ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से न केवल ढंडेरा और हरिद्वार बल्कि पूरे उत्तराखंड और देश का नाम विश्व मंच पर ऊंचा किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि शुभम भविष्य में स्वर्ण पदक जीतकर भारत का गौरव और बढ़ाएंगे। शुभम की सफलता के पीछे उनके परिवार का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उनकी पत्नी निशा स्वयं राष्ट्रीय स्तर की कराटे खिलाड़ी रह चुकी हैं और वर्ष 2019 में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। खेलों से जुड़े परिवार का यह समर्पण शुभम की उपलब्धि को और भी प्रेरणादायक बनाता है। इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष सतीश नेगी ने कहा कि उत्तराखंड प्रतिभाओं की भूमि रहा है। राज्य के खिलाड़ियों ने समय-समय पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। उन्होंने भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार विकेटकीपर ऋषभ पंत, क्रिकेटर आकाश मंडवाल और एशियन गेम्स पदक विजेता स्वर्गीय फतेह सिंह नेगी का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश की युवा प्रतिभाओं को यदि बेहतर संसाधन और प्रशिक्षण मिले तो वे विश्व स्तर पर और अधिक सफलता हासिल कर सकते हैं। उन्होंने राज्य सरकार से नगर पंचायत ढंडेरा में आधुनिक खेल मैदान और खेल सुविधाओं के विकास की मांग दोहराई। उनका कहना था कि क्षेत्र के खिलाड़ियों को अभी भी पर्याप्त प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। यदि आधुनिक खेल परिसर और कोचिंग की व्यवस्था की जाए तो यहां से अनेक खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं। शुभम जुयाल की यह उपलब्धि उत्तराखंड के युवाओं के लिए प्रेरणा बनकर उभरी है। कठिन परिश्रम, अनुशासन और समर्पण के बल पर उन्होंने यह साबित कर दिया कि छोटे शहरों और कस्बों की प्रतिभाएं भी विश्व मंच पर भारत का परचम लहरा सकती हैं। प्रदेशवासियों को अब उम्मीद है कि शुभम आने वाले अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में स्वर्ण पदक जीतकर देश और उत्तराखंड को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे। उनके सिल्वर मेडल ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि देवभूमि की धरती खेल प्रतिभाओं से समृद्ध है और सही अवसर मिलने पर यहां के खिलाड़ी विश्व मंच पर इतिहास रचने का दम रखते हैं।