गंगोलीहाट। नगर पालिका के रावलगांव वार्ड क्षेत्र के महाकाली मंदिर मार्ग पर निर्माणाधीन बहुमंजिला पार्किंग विभागीय सुस्ती और ठेकेदार की लापरवाही के चलते सफेद हाथी साबित हो रही है। ग्रामीण निर्माण विभाग (RWR) और आवास विकास के माध्यम से बन रही इस पार्किंग की गति इतनी धीमी है कि 641 लाख की इस बड़ी योजना में अभी तक खुदाई और खनन का बुनियादी कार्य भी पूरा नहीं हो सका है। वर्तमान में खनन विभाग से अनुमति का नवीनीकरण न होने के कारण काम पूरी तरह ठप पड़ा है, जिससे सरकारी खजाने के ₹200 लाख डकारने के बाद भी धरातल पर सन्नाटा पसरा है। जिला खनन अधिकारी मनोज आर्या ने स्पष्ट किया है कि जब तक तहसीलदार और भूगर्भ विभाग की जांच रिपोर्ट नहीं आती, अनुमति देना संभव नहीं है। इस प्रशासनिक पेच ने न केवल निर्माण को रोका है, बल्कि क्षेत्र की सुरक्षा को भी खतरे में डाल दिया है। अनियोजित खुदाई के कारण जीईसी स्टाफ क्वार्टर और कालसिन मंदिर मार्ग की दीवार ढह गई हैं और सड़क बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है।
परियोजना की तकनीकी खामियों पर प्रख्यात भू-वैज्ञानिक दिवंगत प्रो. खड़क सिंह वल्दिया के शोध का हवाला देते हुए जंगमबाबा विद्यालय समिति के अध्यक्ष नरेंद्र रावल ने गंभीर चेतावनी दी है। उनका कहना है कि यह पूरी पहाड़ी ग्रेफाइट की उल्टी चट्टानों से बनी है, जहाँ किसी भी प्रकार की भारी छेड़छाड़ विनाशकारी भूस्खलन को निमंत्रण दे सकती है। स्थानीय लोगों का मानना है कि पार्किंग के लिए इस संवेदनशील स्थान का चयन ही गलत है, जबकि महाकाली मंदिर के लिए अलग पार्किंग पहले से प्रस्तावित थी। वहीं दूसरी ओर, संबंधित ठेकेदार की कार्यप्रणाली ने मजदूरों और लेनदारों की रातों की नींद उड़ा दी है। ठेकेदार पर लोगों का पैसा दबाने और फोन न उठाने के गंभीर आरोप लग रहे हैं। व्यापार संघ अध्यक्ष हितेश खाती ने इस कछुआ चाल और लापरवाही पर कड़ा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि यदि निर्माण कार्य और क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत तुरंत शुरू नहीं की गई, तो व्यापार संघ हक के लिए आंदोलन छेड़ने को बाध्य होगा। सहायक अभियंता गिरीश जोशी ने शीघ्र ही खनन अनुमति मिलने पर कार्य प्रारंभ करने का भरोसा तो दिया है, लेकिन जनता का धैर्य अब जवाब दे रहा है।
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गंगोलीहाट में ₹6.41 करोड़ की पार्किंग का काम 'कछुआ चाल'! भू-वैज्ञानिकों की चेतावनी ने बढ़ाई चिंता
- by Admin
- Mar 28, 2026