गंगोलीहाट। नगर पंचायत गंगोलीहाट के रावलगांव वार्ड में साइबर ठगों ने एक गर्भवती महिला को अपना निशाना बनाते हुए उसके बैंक खाते से 35,000 पार कर दिए। ठगों ने बेहद शातिर तरीका अपनाते हुए खुद को देहरादून के "डिजी हेल्थ" विभाग का कर्मचारी बताया और आंगनवाड़ी से जुड़ी योजनाओं का झांसा देकर महिला से उसकी बैंकिंग जानकारी हासिल कर ली।
इस गिरोह के सक्रिय होने से क्षेत्र की महिलाओं में भारी डर और असुरक्षा का माहौल है। ठग विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं और आंगनवाड़ी लाभार्थियों को फोन कर उनकी संवेदनशील जानकारी मांग रहे हैं, जिससे न केवल आर्थिक नुकसान हो रहा है बल्कि भविष्य में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जनता के भरोसे पर भी संकट खड़ा हो गया है।
प्रशासन और पुलिस ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच शुरू कर दी जिससे ठग खाते से पैसे नहीं निकाल पाए।अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल पर अपना ओटीपी, पिन या बैंक विवरण साझा न करें। पुलिस फिलहाल उन नंबरों को ट्रेस करने में जुटी है जिनसे ये कॉल किए जा रहे हैं, ताकि इस गिरोह का पर्दाफाश किया जा सके।
इस मामले के जांच अधिकारी एसएसआई बी सी मासीवाल ने बताया कि कोतवाली गंगोलीहाट एवम् साइबर अपराध सैल की सक्रियता से तुरंत खाते को होल्ड कर दिया गया है प्रार्थीनी से आवेदन कर कानूनी प्रक्रिया के तहत यथा शीघ्र पैसा वापस दिलाने का भरोसा दिया गया है। प्रभारी चिकित्साधिकारी विमलेश टम्टा, ब्लॉक कार्यक्रम समन्वयक कमल जोशी, बी एच डब्ल्यू उमा कोहली, आशा को ऑर्डिनेटर कल्याण मेहता सहित सभी स्वास्थ्यकर्मियों ने पुलिस की त्वरित कार्यवाही हेतु कोतवाली गंगोलीहाट का आभार व्यक्त किया है।
आज सुबह स्वास्थ केन्द्र में सभी आशा कार्यकर्ताओं ने इकठ्ठा होकर इस मामले को गंभीरता से लेते हुए, अपराधियों को शीघ्र पकड़ने एवम् पीड़िता को पैसे वापस दिलाने के लिए नारेबाज़ी की, स्थिति की गंभीरता को मद्देनजर रखते हुए प्रभारी निरीक्षक कैलाश चंद्र जोशी ने वरिष्ठ उप निरीक्षक बी सी मासीवाल को प्रथमिक चिकित्सा केंद्र भेजा, मासीवाल ने अपनी सूझबूझ एवम् अनुभव के आधार पर स्थिति को संभाला और एकत्रित आशाओं को साइबर ठगी से बचने की जानकारी देते हुए बताया कि अपरिचित से बात करते हुए हमेशा अपना इंटरनेट बंद रखें, मात्र इस उपाय के करने से भी आप अनजाने नुकसान का शिकार होने से बच सकते हैं, उन्होंने यह भी बताया कि ऐसी किसी भी स्थिति में सर्वप्रथम 1930 पर सूचना करें ताकि शीघ्र कार्य आरंभ कर नुकसान से लोगों को साईबर सैल आपकी मदद कर सके।