गंगोलीहाट। क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर स्थानीय जनता का धैर्य अब जवाब देने लगा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गंगोलीहाट में लंबे समय से चिकित्सकों के रिक्त चल रहे पदों को भरने की मांग को लेकर सामाजिक संगठन 'टीम एक कोशिश' ने मुख्य चिकित्साधिकारी पिथौरागढ़ को उपजिलाधिकारी के माध्यम से एक ज्ञापन भेजा है। संगठन ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही अस्पताल में नई नियुक्तियां नहीं की गईं, तो क्षेत्र की जनता उग्र आंदोलन के लिए विवश होगी।
ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया गया है कि गंगोलीहाट स्वास्थ्य केंद्र पर न केवल स्थानीय विकास खंड, बल्कि बेरीनाग विकास खंड की पाताल भुवनेश्वर पट्टी के लोग भी पूरी तरह निर्भर हैं। लगभग एक लाख से अधिक की आबादी के स्वास्थ्य का जिम्मा इसी केंद्र पर है, लेकिन पर्याप्त डॉक्टर न होने के कारण मरीजों को समुचित उपचार नहीं मिल पा रहा है। गंभीर स्थिति में मरीजों को जिला अस्पताल या निजी अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ता है, जिससे उन पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
संगठन के सदस्यों ने बताया कि वर्तमान में पिथौरागढ़ जिले को दो दर्जन से अधिक नए चिकित्सक मिले हैं, जिनकी नियुक्ति की प्रक्रिया गतिमान है। ऐसे में गंगोलीहाट की उपेक्षा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विदित हो कि इस स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों के कुल 9 पद सृजित हैं, जिनमें से अधिकांश खाली पड़े हैं। संगठन ने मांग की है कि इस बैच से कम से कम चार नए चिकित्सकों की नियुक्ति तत्काल गंगोलीहाट में की जाए। 'टीम एक कोशिश' के भूपेश पंत, नगर पालिका परिषद के वार्ड पार्षद दीपक बोरा, राजेंद्र बिष्ट, प्यारे लाल शाह, भगवती पंत और सुरेश बिष्ट सहित कई ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि मांग पूरी न होने की दशा में वे आम जनता के साथ मिलकर सड़कों पर उतरने को बाध्य होंगे।