पर्वतीय क्षेत्रों में भारी व्यावसायिक वाहनों के प्रवेश पर रोक की मांग; नैनीताल में आक्रोश

Blog
 Image

नैनीताल। सरोवर नगरी नैनीताल से एक बेहद दर्दनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाले सड़क हादसे की खबर सामने आई है। मल्लीताल स्थित बी.डी. पांडेय अस्पताल के समीप सोमवार को जल संस्थान का एक तेज रफ्तार ट्रक अचानक बेकाबू हो गया और उसने सड़क किनारे चल रही दो महिला पर्यटकों को बुरी तरह रौंद दिया। दिल दहला देने वाली इस दुर्घटना में एक महिला की टांग और दूसरी महिला का हाथ ट्रक के टायरों के नीचे आकर बुरी तरह कुचल गया। दोनों घायलों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।

जानकारी के अनुसार, हादसे का शिकार हुईं दोनों महिलाएं देश की राजधानी दिल्ली के गगन विहार क्षेत्र की रहने वाली हैं। यह पूरा परिवार आज सोमवार को ही भीषण गर्मी से राहत पाने और छुट्टियां बिताने के लिए दिल्ली से नैनीताल पहुंचा था। अभी परिवार ने पहाड़ की वादियों का लुत्फ उठाना शुरू ही किया था कि मल्लीताल के पास काल बनकर आए बेकाबू ट्रक ने उनकी खुशियों को पल भर में चीख-पुकार में बदल दिया। बी.डी. पांडेय अस्पताल के बिल्कुल नजदीक हादसा होने के कारण घटना के तुरंत बाद स्थानीय दुकानदारों, राहगीरों और पुलिस कर्मियों ने बिना वक्त गंवाए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। मौके पर चारों तरफ खून बिखरा हुआ था और पीड़ित परिवार की चीख-पुकार से पूरा इलाका दहल उठा। स्थानीय लोगों की मुस्तैदी से दोनों लहूलुहान महिलाओं को तुरंत उठाकर पास ही स्थित बी.डी. पांडेय अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की विशेष टीम उनके इलाज में जुटी हुई है। वहीं, स्थानीय पुलिस ने दुर्घटना को अंजाम देने वाले जल संस्थान के ट्रक को कब्जे में ले लिया है और चालक के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। नैनीताल में इस समय पीक टूरिस्ट सीजन चल रहा है, जिसके चलते बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों के दबाव से यहां की संकरी सड़कें पूरी तरह पैक हैं। ऐसे में भीड़भाड़ वाले और संवेदनशील वीआईपी इलाकों में भारी या सरकारी कमर्शियल वाहनों के संचालन को लेकर स्थानीय जनता में भारी आक्रोश है। पहाड़ के संकरे और तीखे ढलान वाले रास्तों पर चलने वाले सरकारी और निजी वाहनों की नियमित तकनीकी जांच (Fitness Test) न होना और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में गति सीमा का निर्धारण न होना इस बड़े हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि अगर समय रहते नैनीताल के यातायात प्रबंधन और वाहनों के फिटनेस मानकों को दुरुस्त नहीं किया गया, तो पर्यटन सीजन में ऐसे हादसे आगे भी लग रहे दावों की पोल खोलते रहेंगे।