स्वास्थ्य और शिक्षा आधारित नई योजनाओं से श्रमिक सम्मान बढ़ाने पर सीएम धामी का जोर

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देहरादून।उत्तराखंड के विकास में दिन-रात पसीना बहाने वाले श्रमिक भाइयों-बहनों और उनके परिवारों के जीवन स्तर को उठाने के लिए उत्तराखंड सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को 'उत्तराखण्ड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड' के तहत श्रमिकों के परिवारों के लिए पांच नई महत्वपूर्ण कल्याणकारी योजनाओं का औपचारिक शुभारंभ किया।

उत्तराखंड सरकार ने श्रमिकों और उनके परिवारों के सामाजिक, शैक्षणिक और स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को उत्तराखण्ड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के तहत श्रमिक परिवारों के लिए पांच नई कल्याणकारी योजनाओं का शुभारंभ किया। इन योजनाओं का उद्देश्य श्रमिकों और उनके बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, पोषण, शिक्षा, स्वच्छता और योग आधारित जीवनशैली से जोड़कर उनके जीवन स्तर में व्यापक सुधार लाना है। मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री श्रमिक स्वास्थ्य योजना, मुख्यमंत्री पोषाहार योजना, मुख्यमंत्री स्वच्छता सुरक्षा योजना, मुख्यमंत्री शिक्षण सामग्री योजना तथा मुख्यमंत्री योग आरोग्य एवं वेलनेस योजना का विधिवत लोकार्पण किया। इस अवसर पर विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को किट वितरित की गईं, जबकि मुख्यमंत्री पोषण, शिक्षण सामग्री, पोषाहार, आयुर्वेद एवं वेलनेस विकास योजना के तहत चयनित विद्यार्थियों को प्रवेश पत्र भी सौंपे गए। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद मुख्यमंत्री ने श्रमिक परिवारों से संवाद करते हुए कहा कि उत्तराखंड के विकास में श्रमिकों का योगदान सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सड़क, भवन, पुल और अन्य विकास परियोजनाओं के पीछे श्रमिकों की मेहनत और समर्पण है। ऐसे में सरकार का दायित्व है कि उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण और सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि श्रमिक केवल निर्माण कार्यों के सहभागी नहीं, बल्कि राज्य की प्रगति के वास्तविक निर्माता हैं। इसलिए सरकार लगातार ऐसी योजनाएं लागू कर रही है, जिनसे उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आए और उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिले। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं शुरू करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि उनका लाभ अंतिम पात्र व्यक्ति तक समयबद्ध तरीके से पहुंचे। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। आर्थिक अभाव किसी भी बच्चे की प्रतिभा के रास्ते में बाधा नहीं बनना चाहिए। इसी सोच के तहत शिक्षण सामग्री, पोषण, स्वास्थ्य और योग आधारित योजनाओं को एकीकृत रूप से लागू किया जा रहा है, ताकि बच्चों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ समाज की नींव स्वस्थ परिवारों से पड़ती है। इसी उद्देश्य से श्रमिक परिवारों को नियमित स्वास्थ्य जांच, पोषण संबंधी सहायता, स्वच्छता से जुड़े संसाधन और योग एवं आयुर्वेद आधारित वेलनेस सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे न केवल श्रमिकों का स्वास्थ्य बेहतर होगा, बल्कि उनके परिवारों का जीवन स्तर भी ऊंचा उठेगा। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के चयनित लाभार्थियों को प्रतीकात्मक रूप से किट वितरित कीं। साथ ही मुख्यमंत्री पोषण, शिक्षण सामग्री, पोषाहार, आयुर्वेद एवं वेलनेस विकास योजना के तहत चयनित विद्यार्थियों को प्रवेश पत्र देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने के साथ-साथ उनके बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में भी श्रमिकों के हित में नई योजनाएं शुरू की जाएंगी और कल्याणकारी कार्यक्रमों का दायरा लगातार बढ़ाया जाएगा। सरकार का मानना है कि इन पांच नई योजनाओं के लागू होने से हजारों श्रमिक परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और वेलनेस पर केंद्रित यह पहल श्रमिकों के जीवन को अधिक सुरक्षित, स्वस्थ और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। साथ ही यह राज्य सरकार की श्रमिक हितैषी नीति और समावेशी विकास के संकल्प को भी मजबूती प्रदान करेगी।