हल्द्वानी। बिंदुखत्ता के हजारों लोगों के लंबे समय से लंबित भूमि अधिकार के मुद्दे पर अब समाधान की उम्मीद जगी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार इस दिशा में गंभीरता से कार्य कर रही है और केंद्र सरकार के स्तर पर भी मजबूत पैरवी की जाएगी, ताकि बिंदुखत्ता के करीब 80 हजार लोगों को भूमिधरी अधिकार मिल सके।
हल्द्वानी स्थित सर्किट हाउस में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम का दर्जा दिलाने के लिए सभी आवश्यक प्रक्रियाएं शीघ्र पूरी की जाएं। उन्होंने मंडलायुक्त और जिलाधिकारी को इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए, ताकि मामला आगे केंद्र स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सके। बैठक में मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन की तैयारियों पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सड़क, बिजली, पानी, आवास और परिवहन जैसी बुनियादी व्यवस्थाओं को मजबूत किया जाए। सड़कों को गड्ढामुक्त करने, पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित करने और जाम की समस्या से निपटने के लिए पुलिस व संबंधित विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने के निर्देश दिए गए। ऊर्जा विभाग की समीक्षा करते हुए सीएम धामी ने गर्मी और मानसून सीजन में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता पर जोर दिया। वहीं, जल संस्थान को संभावित पेयजल संकट से निपटने के लिए पहले से तैयार रहने को कहा गया। यूयूएसडीए को हल्द्वानी से जुड़े विकास कार्यों को तय समय सीमा में पूरा करने के निर्देश भी दिए गए। मुख्यमंत्री ने जमरानी बांध परियोजना को राज्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इसके पूरा होने से तराई-भाबर क्षेत्र में जल संकट दूर होगा और भूजल स्तर में सुधार आएगा। साथ ही, टिहरी की तर्ज पर यहां भी पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने इस परियोजना को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। कानून व्यवस्था को लेकर भी मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने ‘ऑपरेशन प्रहार’ को तेज करने और हुड़दंगियों व आपराधिक तत्वों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। पर्यटन स्थलों पर किसी भी प्रकार की अराजकता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए नियमित चेकिंग अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया। बैठक के दौरान देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ ने भी मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा, जिसमें नियमितीकरण की कट-ऑफ तिथि बढ़ाने और ठेका प्रथा समाप्त करने की मांग की गई। मुख्यमंत्री ने इन मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया। कुल मिलाकर, बिंदुखत्ता भूमि अधिकार से लेकर चारधाम यात्रा की तैयारियों तक, मुख्यमंत्री के इस दौरे में विकास और जनसुविधाओं को लेकर सरकार की प्राथमिकताएं साफ नजर आईं।