बेरीनाग। भारतीय भाषा समर कैंप के तृतीय दिवस आज विद्यालय परिसर में उत्साह, रचनात्मकता और सांस्कृतिक गतिविधियों की विशेष छटा देखने को मिली। कार्यक्रम का शुभारंभ कक्षा 8 की छात्रा कुमारी दिव्या के पिता एवं पशु अस्पताल बेरीनाग में कार्यरत पैरावेट महेंद्र प्रसाद द्वारा विधिवत किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिवार और छात्र-छात्राओं ने मुख्य अतिथि का गर्मजोशी से स्वागत किया। कार्यक्रम में कक्षा सात के छात्र खली कुमार ने मुख्य अतिथि महेंद्र प्रसाद का स्वागत किया। उनके साथ पहुंचे समाजसेवी बलवंत सिंह भौरियाल का भी बैज अलंकरण कर सम्मानित किया गया। इस दौरान विद्यालय में एक और खुशी का माहौल तब बना जब विकासखंड ग्राम विकास विभाग द्वारा विद्यालय में वॉटर प्यूरीफायर पेयजल व्यवस्था स्थापित की गई। पेयजल व्यवस्था लगाने पहुंचे टेक्नीशियन संजय सिंह का भी विद्यालय परिवार द्वारा बैज अलंकरण कर स्वागत किया गया। विद्यालय के सहायक अध्यापक केएन पंत ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय भाषा समर कैंप का उद्देश्य बच्चों को अपनी भाषा, संस्कृति और लोक परंपराओं से जोड़ना है। उन्होंने बताया कि तृतीय दिवस के अवसर पर सबसे पहले पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें छात्र.छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इसके पश्चात सहायक अध्यापक विक्रम सिंह बोरा ने बच्चों को स्थानीय वाद्य यंत्रों की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि हमारे दैनिक जीवन और लोक संस्कृति में पारंपरिक वाद्य यंत्रों का विशेष महत्व है और इन्हें संरक्षित रखना हमारी जिम्मेदारी है। इस दौरान बच्चों ने लोकगीत प्रस्तुत किए तथा पारंपरिक धुनों पर सुंदर नृत्य भी किया। कार्यक्रम का सबसे भावुक और प्रेरणादायक पल तब आया जब कक्षा 6 में अध्ययनरत छात्रा कुमारी हिमानी, जो सामान्यतः किसी सांस्कृतिक गतिविधि में भाग नहीं लेती थी, उसने भी मंच पर आकर नृत्य प्रस्तुत किया। उसकी प्रस्तुति पर उपस्थित सभी लोगों ने तालियों से उसका उत्साहवर्धन किया। मुख्य अतिथि महेंद्र प्रसाद ने बच्चों को स्थानीय वाद्य यंत्रों और संस्कृति की महत्ता के बारे में जानकारी दी तथा समर कैंप के आयोजन की सराहना की। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे समाजसेवी बलवंत सिंह भौरियाल ने कहा कि हमें अपनी स्थानीय भाषा, लोकगीत, संस्कृति और जागर जैसी पारंपरिक विधाओं को कभी नहीं भूलना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविर नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं। कार्यक्रम के अंत में अल्मोड़ा से आए टेक्नीशियन संजय सिंह ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार के सांस्कृतिक और शैक्षणिक आयोजन बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विद्यालय में आयोजित इस समर कैंप में कुल दो शिक्षक एवं 21 छात्र-छात्राओं की उपस्थिति रही। अंत में आयोजकों द्वारा सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के समापन की घोषणा की गई।

