बेरीनाग। भारतीय भाषा समर कैंप के पंचम दिवस पर विद्यालय में एक अनूठी और प्रेरणादायक पहल देखने को मिली, जहां बच्चों ने स्वयं विद्यालय संचालन की जिम्मेदारी संभालकर नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और संगठन कौशल का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के तहत विद्यालय की छात्रा दिव्या को एक दिवसीय प्रधानाध्यापिका तथा कक्षा छह की छात्रा दिया को संचालिका के रूप में चुना गया। दोनों छात्राओं ने पूरे दिन विद्यालय की गतिविधियों का सफल संचालन कर सभी का ध्यान आकर्षित किया। कार्यक्रम का शुभारंभ एक दिवसीय प्रधानाध्यापिका दिव्या द्वारा किया गया। इस अवसर पर संचालिका दिया ने मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित प्रधानाध्यापिका का बैज लगाकर स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के सहायक अध्यापक के.एन. पंत से भारतीय भाषा समर कैंप की निर्धारित थीम पर विद्यार्थियों को जानकारी देने का अनुरोध किया गया। सहायक अध्यापक के.एन. पंत ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय भाषा समर कैंप का उद्देश्य बच्चों में भाषा के प्रति रुचि विकसित करना, सुनने और समझने की क्षमता को बढ़ाना तथा स्थानीय नायकों, कलाकारों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान से परिचित कराना है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास का विकास करने के साथ-साथ उन्हें अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का कार्य करते हैं। कार्यक्रम के दौरान सहायक अध्यापक विक्रम सिंह बोरा ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और स्थानीय कलाकारों के योगदान पर प्रकाश डाला। इसके बाद कक्षा सात के विद्यार्थियों द्वारा स्वतंत्रता आंदोलन पर आधारित एक प्रभावशाली नाटक प्रस्तुत किया गया, जिसमें अंग्रेजों को भारत छोड़ने के ऐतिहासिक दृश्य का मंचन किया गया।
विद्यार्थियों के शानदार अभिनय ने उपस्थित सभी लोगों को प्रभावित किया। कक्षा आठ की छात्रा आरती ने क्षेत्र के प्रमुख स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों स्वर्गीय दीवान सिंह दशौनी, स्वर्गीय दीवान सिंह मेहता, स्वर्गीय कुशाल सिंह दशौनी तथा स्वर्गीय चंचल सिंह के जीवन और योगदान पर प्रकाश डाला। वहीं छात्रा निकिता ने स्वर्गीय बहादुर सिंह दशौनी और स्वर्गीय चंचल सिंह रावत सहित अन्य स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में जानकारी साझा की। छात्र कविराज ने स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय उम्मीद सिंह के संघर्ष और योगदान पर अपने विचार रखे। एक दिवसीय प्रधानाध्यापिका दिव्या ने अपने संबोधन में कहा कि क्षेत्र के इन महान स्वतंत्रता सेनानियों के अतिरिक्त स्वर्गीय प्रयाग दत्त पंत का योगदान भी अविस्मरणीय है। उन्होंने बताया कि बेरीनाग और थल क्षेत्र के इन स्वतंत्रता सेनानियों ने देश की आजादी के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, जिनके संघर्ष और बलिदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाना आवश्यक है। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री पोषण योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों को अरहर की दाल, मूली की सब्जी और आचार परोसा गया। पूरे कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भागीदारी की और भाषा, इतिहास तथा संस्कृति से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार साझा किए। विद्यालय में आयोजित इस विशेष गतिविधि में दो सहायक अध्यापक तथा 21 छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। अंत में संचालिका दिया की अनुमति से एक दिवसीय प्रधानाध्यापिका कुमारी दिव्या ने भारतीय भाषा समर कैंप के दिनभर के कार्यक्रमों का समापन घोषित किया। विद्यालय परिवार ने इस आयोजन को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए भविष्य में भी इस प्रकार की गतिविधियां जारी रखने की बात कही।

