कड़े अनुपालन की जांच के लिए सभी उत्तराखंड जिला मजिस्ट्रेटों को प्रशासनिक निर्देश जारी

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देहरादून। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने एसआईआर और बीएलओ  ड्यूटी के कारण विभागीय कामकाज प्रभावित होने पर कड़ी नाराजगी जताई है। विधानसभा स्थित सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री ने दो टूक निर्देश दिए कि प्रदेश की सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बीएलओ की जिम्मेदारी निभाने के साथ-साथ हर दिन कम से कम एक घंटा अपने आंगनबाड़ी केंद्र पर भी दें। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऑनलाइन डाटा फीडिंग और योजनाओं के संचालन में किसी भी तरह की बाधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि विभाग की अधिकांश महत्वपूर्ण योजनाएं केंद्र सरकार द्वारा वित्तपोषित हैं, जिनकी नियमित रूप से ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जाती है। ऐसे में डाटा फीडिंग में देरी या लापरवाही से उत्तराखंड के भविष्य के बजट पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। इस संबंध में उन्होंने विभागीय सचिव को निर्देश दिए कि सभी जिलाधिकारियों को तत्काल कड़े दिशानिर्देश जारी किए जाएं। बैठक में युवाओं और रोजगार की राह देख रहे अभ्यर्थियों के लिए एक बड़ी और अच्छी खबर भी सामने आई। मंत्री ने बताया कि प्रदेश में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की भर्ती प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। इसके तहत 438 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के रिक्त पद भरे जाएंगे। 2,773 सहायिकाओं के खाली पदों पर नियुक्तियां होंगी। उन्होंने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि अगस्त माह के अंत तक इन सभी 3,211 रिक्त पदों पर नियुक्तियों की प्रक्रिया को अनिवार्य रूप से पूरा कर लिया जाए, जिससे केंद्रों पर मैनपावर की कमी दूर हो सके। समीक्षा के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत बच्चों के आधार कार्ड और अपार आईडी बेहद कम संख्या में बनने पर मंत्री का पारा चढ़ गया। उन्होंने वर्चुअल माध्यम से जुड़े सभी जिला प्रोबेशन अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि जुलाई के अंत तक सभी बच्चों के आधार और अपार आईडी का काम शत-प्रतिशत पूरा कर लिया जाए। तय समय सीमा के भीतर काम पूरा न होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ तत्काल विभागीय और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।