गंगोलीहाट में विज्ञान का महाकुंभ: भारत रत्न प्रो. राव और प्रो. इंदुमति राव ने वर्चुअल संबोधन से विद्यार्थियों में भरी वैज्ञानिक चेतना

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गंगोलीहाट। हिमालयन ग्राम विकास समिति में चल रहे साइंस आउट-रीच कार्यक्रम के दूसरे दिन भारत रत्न प्रो. सी. एन. आर. राव. एवं प्रो. इंदुमति राव ने वर्चुअल माध्यम से विद्यार्थियों को संबोधित किया। अपने सम्बोधन में प्रो. इंदुमति राव ने इस तरह के कार्यक्रमों की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से विद्यार्थियों को प्रोत्साहन प्राप्त होता है। ज्ञात तो कि प्रो. राव वर्ष 2009 से ही साइंस आउट रीच कार्यक्रम से जुड़े हुए हैं और इस कार्यक्रम के साथ साथ पर्वतीय क्षेत्र के मेधावी विद्यार्थियों को आर्थिक एवं बौद्धिक सहायता प्रदान करते या रहे हैं। इससे पूर्व संस्था अध्यक्ष राजेन्द्र बिष्ट ने सभी आगंतुक अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम के प्रथम सत्र में जवारलाल नेहरू सेंटर फॉर अड्वान्स साइन्टिफिक रिसर्च बंगलोर डॉ कुशाग्र बंसल ने विद्यार्थियों को पाश्चुराईजेशन एवं वेक्सीन निर्माण एवं इसके इतिहास पर विस्तार से जानकारी उपलब्ध कराई। काउपाक्स, ऐन्थ्रैक्स, कोविड, रेबीज आदि बीमारियों के प्रति प्रतिरोधकता पर जानकारी देते हुए जन्म जात एवं अनुकूलित प्रतिरोधकता के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बायो टेररिज़म के खतरों के प्रति आगाह करते हुए इसके प्रति सचेत रहने को कहा।  जवारलाल नेहरू सेंटर फॉर अड्वान्स साइन्टिफिक रिसर्च बंगलोर की डॉ. जयश्री सनवाल भट्ट ने विभिन्न प्रकार की चट्टानों की निर्माण, उनके बनने की प्रक्रिया, उनके प्रकार, रासायनिक संगठन, आदि पर विस्तार से जानकारी उपलब्ध कराई।

उन्होंने पृथ्वी के निर्माण एवं इसमे समय समय पर आए परिवर्तनों तथा फासिल निर्माण की प्रक्रिया पर औडियो विजुअल माध्यम से विस्तार से जानकारी दी। पंतनगर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर आनंद सिंह जीना ने “जीन की कहानी” विषय पर अपने सम्बोधन में एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में जाने वाले लक्षणों के विभिन्न कारणों पर बोलते हुए गुणसूत्रों एवं जीन की कार्यप्रणाली पर विस्तार से जानकारी दी। डी. एन. ए. की संरचना व इसके कार्यों पर जानकारी देते हुए प्रो. जीना ने जीनों की कोडिंग प्रणाली के साथ साथ म्यूटैशन व रेकॉमबीनेशन की बारे में समझाया। जवाहर लाल नेहरू सेंटेर फॉर अड्वान्स साइंस रिसर्च बंगलोर के प्रो0 शिबा वासू  ने वर्चुअल माध्यम से “हाउ सिम्पल माडल केन हेल्प अस अंडेरस्टैन्ड कॉम्प्लेक्स बाइलाजिकल प्रेससेस” विषय पर बोलते हुए विद्यार्थियों को विस्तार से जानकारी दी। पिथौरागढ़ जनपद के सहायक परिवहन अधिकारी अभिनव गहतोड़ी ने रोड सेफ़्टी विषय अपने व्याख्यान में सड़क दुर्घटनाओ के कारणों एवं  इससे बचने के उपायों पर विस्तार से बताया। साथ ही रोड सेफ़्टी से संबंधित विभिन्न शंकाओं का समाधान किया। जे. एन. सी. एस. आर. की वैज्ञानिक प्रो रंजनी विश्वनाथ एवं राजकीय पी. जी. कालेज बेरीनाग के डॉ बालम सिंह बिष्ट ने “इलेक्ट्रान एट नेटवर्क फ्रॉम कलर टू  करंट” विषय पर हेंडस ऑन एक्टिविटी के माध्यम से विद्यार्थियों को एलेक्ट्रोनस की कार्यप्रणाली की जानकारी दी।

उन्होंने तापमान के प्रभाव से प्रकाश के रंगों में परिवर्तन की प्रदर्शन के माध्यम से विस्तृत व्याख्या प्रस्तुत की साथ ही एन्डोथेरमिक एवं एक्सोथर्मीक रिएक्शन को प्रयोगों के माध्यम से रोचक तरीके से समझाया। आईसर मोहाली  के प्रो. राजीव कापड़ी ने “मेजरिंग एक्सलीरेसन ड्यू टू ग्रैविटी” विषय पर हैंड्सऑन ऐक्टिविटी के माध्यम से विद्यार्थियों को भौतिकी विज्ञान के विभिन्न पहलुओ पर विस्तार से बताया। इसके साथ ही उन्होंने त्वरण एवं गुरुत्व मापने की क्रियाओं को विभिन्न तरीकों से समझाया। कार्यक्रम का संचालन प्रो आनंद सिंह जीना ने किया। ज्ञात हो कि उक्त कार्यक्रम में देश के प्रतिष्ठित संस्थानों के दर्जनों वैज्ञानिक एवं सौ से अधिक विद्यार्थि प्रतिभाग कर रहे हैं। इस अवसर पर प्रो. बी. डी. लखचौरा, प्रो. कंचन पांडे, डॉ. नरेंद्र सिंह, डॉ जे. एन. पंत,  दिनेश भट्ट, पंकज पांडे, संजीव पंत, कुंदन दसौनी, पंकज पंत, दीक्षा जोशी, पंकज तिवारी, रंजना सिंह, हिमानी आदि उपस्थित रहे कार्यक्रम में अखिल श्रीवास्तव व सन्नमय द्वारा तकनीकी सहयोग प्रदान किया गया।