पिथौरागढ़ में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया नाबार्ड का 45वां स्थापना दिवस

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पिथौरागढ़। ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI), पिथौरागढ़ में राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) का 45वां स्थापना दिवस उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर ग्रामीण विकास, कृषि नवाचार, वित्तीय समावेशन तथा स्वरोजगार को बढ़ावा देने में नाबार्ड के महत्वपूर्ण योगदान पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में उत्तराखण्ड ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक  संदीप कुकरेती मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि एसबीआई आरसेटी एवं जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक हिमांशु जोशी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। अपने संबोधन में मुख्य अतिथि संदीप कुकरेती ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में नाबार्ड की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि नाबार्ड एवं क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के बीच प्रभावी समन्वय के कारण बैंकिंग सेवाओं और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुँच रहा है, जिससे ग्रामीणों की आजीविका और आर्थिक स्थिति में निरंतर सुधार हो रहा है। इस अवसर पर नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक राकेश सिंह कन्याल ने नाबार्ड की 44 वर्षों की गौरवशाली यात्रा पर प्रकाश डाला। उन्होंने ग्रामीण विकास, कृषि ऋण, ग्रामीण अवसंरचना, स्वयं सहायता समूहों, किसान उत्पादक संगठनों, गैर कृषि क्षेत्र, वित्तीय समावेशन तथा डिजिटल वित्तीय साक्षरता के क्षेत्र में नाबार्ड के योगदान का उल्लेख करते हुए भविष्य की प्राथमिकताओं एवं लक्ष्यों की जानकारी दी। कार्यक्रम में आरसेटी निदेशक हिमांशु जोशी ने सभी प्रशिक्षणार्थियों को नाबार्ड के 45वें स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि नाबार्ड द्वारा ग्रामीण उद्यमिता और कौशल विकास को प्रोत्साहन देने के लिए किए जा रहे प्रयास आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि उनके अनुभव एवं मार्गदर्शन से प्रशिक्षणार्थियों को सफल उद्यमी बनने की प्रेरणा मिलेगी। कार्यक्रम के समापन पर श्री जोशी ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर प्रबंधक मनोज पंत, संस्थान की संकाय सदस्य पुष्पा वल्दिया, पवन पाण्डेय, नीरज द्विवेदी सहित बड़ी संख्या में प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।