गंगोलीहाट। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) गंगोलीहाट में दंत चिकित्सक कक्ष पर लगा ताला यहाँ आने वाले मरीजों की उम्मीदों पर ताला लगा रहा है। चिकित्सक के अभाव में बंद पड़े इस कमरे के बाहर रोज दूर-दराज से आने वाले गरीब और असहाय मरीज मायूस होकर लौटने को मजबूर हैं। दंत चिकित्सा सेवाओं के पूरी तरह ठप हो जाने से आक्रोशित क्षेत्रीय विधायक फकीर राम टम्टा ने अब स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों के समक्ष मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, देहरादून की महानिदेशक को पत्र भेजकर स्थानांतरित की गईं दंत शल्यक (डेंटल सर्जन) डॉ. संध्या कोहली को तत्काल पुनः गंगोलीहाट में तैनात करने की मांग की है।विधायक ने पत्र में विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए स्पष्ट किया कि डॉ. संध्या कोहली का स्थानांतरण सीएचसी लोहाघाट किया गया है, जहाँ पहले से ही एक डेंटल सर्जन और एक डेंटल हाइजीनिस्ट तैनात हैं। वहाँ पर्याप्त संसाधन होने के बावजूद गंगोलीहाट जैसे सीमांत अस्पताल को पूरी तरह खाली कर देना समझ से परे है। गंगोलीहाट में वर्तमान में न तो कोई दंत चिकित्सक है और न ही हाइजीनिस्ट, जिससे पूरे क्षेत्र में दंत स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह ठप पड़ी हैं। अस्पताल में ताला लटके होने के कारण मरीजों को दाँत के सामान्य इलाज और दर्द से राहत पाने के लिए भी 80 किलोमीटर दूर जिला अस्पताल पिथौरागढ़ के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। इससे दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से आने वाले गरीब मरीजों पर भारी आर्थिक और मानसिक बोझ पड़ रहा है। विधायक ने अवगत कराया कि इस गंभीर समस्या को लेकर पूर्व में भी कई बार विभागीय अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे गए, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकाला गया। उन्होंने जनहित को ध्यान में रखते हुए महानिदेशक से डॉ. कोहली की तत्काल पुनः तैनाती के आदेश जारी करने का अनुरोध किया है, ताकि स्थानीय जनता को राहत मिल सके।

