देहरादून। उत्तराखंड में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत अपनी मतदाता पर्ची दुरुस्त कराने या नया नाम जुड़वाने के लिए अब बेहद कम समय बचा है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार, राज्य का कोई भी नागरिक 13 अगस्त तक ही अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकता है। इस तय सीमा के बाद किसी भी प्रकार का दावा या आपत्ति स्वीकार नहीं की जाएगी।
उत्तराखंड में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाताओं के लिए दावे और आपत्तियां दाखिल करने का बुधवार, 13 अगस्त तक ही मौका है। इसके बाद कोई दावा या आपत्ति स्वीकार नहीं की जाएगी। हालांकि, 13 अगस्त तक प्राप्त दावों और आपत्तियों पर सुनवाई की प्रक्रिया 13 सितंबर तक जारी रहेगी। एसआईआर के तहत प्रदेश में मतदाता सूची की विसंगतियों को दूर करने के साथ नए मतदाताओं को सूची में शामिल करने और मौजूदा मतदाताओं के विवरण में संशोधन की प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए फॉर्म-6 से नए मतदाता बनने, फॉर्म-7 से नाम हटाने और फॉर्म-8 से संशोधन के आवेदन लिए जा रहे हैं। वहीं आपत्तियों के लिए फॉर्म-9, 10 और 11 का इस्तेमाल किया जा रहा है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के मुताबिक, प्रदेशभर में अब तक करीब 70 हजार आपत्तियां प्राप्त हो चुकी हैं। नए मतदाता बनने के लिए भी बड़ी संख्या में आवेदन आए हैं। खास बात यह है कि 13 अगस्त तक नए मतदाता बनने के लिए आवेदन करने वालों के नाम एसआईआर प्रक्रिया के दौरान ही मतदाता सूची में शामिल किए जा सकेंगे। इसके बाद प्राप्त आवेदनों पर एसआईआर पूरा होने के बाद विचार किया जाएगा। मैदानी जिलों में आपत्तियों की संख्या पहाड़ी जिलों की तुलना में अधिक है। ऊधमसिंह नगर की जसपुर और काशीपुर समेत कई विधानसभा क्षेत्रों में बड़ी संख्या में आपत्तियां दर्ज हुई हैं। प्रत्येक आपत्ति के आधार पर संबंधित मतदाता को नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा। इसके बाद निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) दस्तावेजों और जवाब के आधार पर निर्णय लेंगे। निर्वाचन विभाग के अनुसार, यदि किसी एक मतदाता के नाम पर पांच से अधिक आपत्तियां आती हैं तो उसकी विशेष जांच कराई जाएगी। ऐसे में मतदाताओं से निर्धारित समयसीमा के भीतर अपने दावे, आपत्तियां और नए मतदाता बनने के आवेदन दाखिल करने की अपील की गई है।

