गंगोलीहाट में बेमौसम ओलावृष्टि से तबाही! फसलें बर्बाद, फलदार पेड़ों को भारी नुकसान! टिम्टा-बुगली मोटर मार्ग ब्लॉक

Blog
 Image

गंगोलीहाट। लंबे इंतजार के बाद क्षेत्र में हुई भारी बारिश और ओलावृष्टि ने जनजीवन अस्त-व्यस्त करने के साथ ही किसानों की कमर तोड़कर रख दी है। बेमौसम की इस मार से क्षेत्र में फसलों, साग-सब्जियों और फलदार पेड़ों को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे काश्तकारों के चेहरे पर मायूसी छा गई है। ओलावृष्टि इतनी जबरदस्त थी कि देखते ही देखते खेतों और बागानों में बिछी हरियाली सफेद चादर में तब्दील हो गई। इस प्राकृतिक आपदा पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कांग्रेस के अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष मनोज टम्टा ने सरकार से प्रभावित काश्तकारों को अति शीघ्र उचित मुआवजा देने की पुरजोर मांग की है। उन्होंने कहा कि गंगोलीहाट क्षेत्र के अधिकांश परिवारों की आजीविका पूरी तरह कृषि और बागवानी पर टिकी है। ओलावृष्टि ने न केवल वर्तमान फसलों को बर्बाद किया है, बल्कि फलदार वृक्षों के बौर और टहनियों को भी भारी क्षति पहुंचाई है, जिससे भविष्य की पैदावार पर भी संकट खड़ा हो गया है। मनोज टम्टा ने प्रशासन को आगाह करते हुए कहा कि किसान पहले ही तमाम दुश्वारियों से जूझ रहा है और अब इस दैवीय आपदा ने उनके सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट पैदा कर दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों का तत्काल स्थलीय निरीक्षण कर नुकसान का सही आकलन किया जाए और बिना किसी विलंब के पीड़ित किसानों के बैंक खातों में राहत राशि भेजी जाए। काश्तकारों का कहना है कि अगर सरकार ने समय रहते उनकी सुध नहीं ली, तो उनके लिए आने वाले महीनों में परिवार का भरण-पोषण करना नामुमकिन हो जाएगा। वहीं ग्राम प्रधान निशा परगाई ने बताया कि टिम्टा बुगली मोटर मार्ग बारिश और ओलावृष्टि के चलते 4 जगह ब्लॉक हो गया है। लोक निर्माण विभाग के सहायक कनिष्ठ अभियंता संजय कनवाल ने बताया कि अभी जेसीबी उपलब्ध नहीं हो पा रही है। बाहर से जेसीबी की व्यवस्था की जा रही है, ताकि शीघ्र सड़क खोली जा सके। वहीं दैवीय आपदा कक्ष में अभी तक कोई हानि की सूचना दर्ज नहीं हो पाई है।